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बुरा न मानो होली है

होली का त्यौहार है, फागुन की बयार है, मन मस्तिष्क सब तैयार है बशर्ते आपको भी थोडा प्यार है
फिर देर कैसी, छंद बद्ध जोगीरा लोकगीत सुनने के लिए एकदम माफिक मौसम भी है और दस्तूर भी ..



बस आपको हर छंद के अंत में "जोगीरा सा रा रा रा" जोड़ना है और कटाक्ष का मजा लेना है ...




भारत देखा भारतीय देखे, समझ सके न ट्रूडो।
खालिस्तान का नाम लिया, तो खेलोगे फिर लूडो।।




रोहित बमूला पर जो अतिदुःखी थे फिर देख सके न सच।
दलित दलित जो चिल्लाते थे, अब नहीं रहे राष्ट्रपति पच।


गुजराज में जनेऊ था पहना, नार्थ ईस्ट गए चर्च।
राहुल गांधी ही कांग्रेस का रोज खोद रहे हैं गर्त।


अध्यक्ष बनाया पार्टी सौंपी, चच्चू गए थाईलैंड ट्रिप।
अक्ल का इंजन स्टार्ट हुआ न, रहे खूब मारते किक।।







झालर जैसी कलगी पाली, इंग्लिश भौंकी खूब।
जनता पर बिल्कुल न समझी, रही ऊब की ऊब।।





फेयर एंड लवली सर पर धारण, चेरी ब्लॉसम फेस।
मानहानि पर आशुतोष83बी खोल के बैठे केस।।





सुबह शाम थे सब्जी लाये, सुबह शाम ही दूध।
कविवर की राज्यसभा में, सीधा गुप्ता गए हैं कूद।।






LG झूठे बीजेपी झूठी, EVM सब इलेक्शन फेज।
गुप्ता जी भी सांप लपेटे, भरें ईमानदार की जेब।

भूषण भगाये योगेंद्र निकाले, बन गए केजरी हिटलर।
दिल्ली से दिल्लगी करके, अब उतार दिया है मफलर।।

खौ खौ करके घर घर घूमे, गजेंद्र को लगवाई फांसी।
CM बनते ही फैले सोफे पर, ठीक हो गई खांसी।।





आरोप लगाए धरना करते, खुद को समझें क्यूट।
कपिल मिश्रा ने किया क्या ऐसा, हुए केजरी म्यूट।।





चारा खाया मिट्टी खाई, लगाई ब्लैक मनी की फक्की।
लालू रबड़ी रबड़ी करते, जेल में पीसें चक्की।।

बेटा इनके मिट्टी खा गए, बाप खा रहे चारा।
नीतीश चाचा चुपके से ही, कूद गए हैं पाला।



हर ट्रांसक्शन पर टैक्स लगाया, डिजिटल इंडिया सूना।
माल्या-मोदी पर कुछ कर न पाए, लगा गए वो चूना।।

वित्तमंत्री पित्त ग्रसित हैं, निचुड़े मिडिल क्लास।
जीत सके न एक इलेक्शन, बस भोगे भोग पचास।।\


चुन चुन कर संघी मरते हैं, कहाँ सोई है सरकार।
आतंकी का खून भी टपके, उमड़ पड़ा है प्यार।।

जम्मू में हिन्दू है रोता, लेकिन है बीजेपी की सरकार।
रोज ही रहता जान का खतरा, उन्हें रोहिंगया से प्यार।।




छप्पन इंची सीना उनका, शौर्य पता नहीं कहाँ है डूबा।
पत्थरबाज जेल से छूटें, जब आदेश करें महबूबा।





बांग्लादेशी सीमा लांघे, सब ममता की मेहरबानी।
भूखे मरते हिंदुस्तानी, उनको मनभर है बिरयानी।।




जलिकट्टू पर पेटा रोया, सुप्रीमकोर्ट रहा दहाड़।
बकरीद पर मिमियाते हैं, इधर गला रहे हैं फाड़।।




स्विमिंग पूल में लोटने वाले, पानी पर दे रहे ज्ञान।
होली पर लेक्चर देंगे गंधों सी खूब खेंच रहे तान।।

दीपावली पर हुआ प्रदूषण, होली पर है पानी।
बकरीद किस्मस पर नहीं है होती पर्यावरण की हानि?



सीट के पीछे हुई लड़ाई, मुसलमान की मौत।
चन्दन गुप्ता मारा जाता, गई मीडिया लौट।






पाकिस्तान को बेचा दिल है, वही बनाये सखा
अय्यर बेंचे देश की माटी, हंसती शूपनखा




दिग्गीराजा और तिवारी, बधा रहे हैं पॉवर
धुंध रहे हैं सफेद मूसली, बैद्यनाथ या डाबर






राम रहीम काण्ड हो गया, हुई व्यवस्था लच्चर
रोहतक दंगों से भी जो न सीखे वही कहाते खट्टर





पत्रकार बन गये राष्ट्रीय पक्षी, हुआ न बाल भी बांका
काकी कोयल सी किलकारें, जब CM फडनवीस काका





वसुंधरा की धरा उखड़ रही, मन में ख़ुशी गहलोत
सिंधिया जी भी मन में सोचें, हम कब लेंगे ओथ





विदेश मंत्री बस नाम की हैं, भाषण में जगदम्बा
भारत पाकिस्तानी कोई भी हो, ये सबकी हैं अम्मा






राजनाथ जी निंदा करते, हाथ पे रखकर हाथ
विकास अभी पैदा होगा, जब सबका होगा साथ




कौन जात हो पूछ रहे हैं, NDTV रवीश कुमार
अपराधी है इनके परिजन, लेकिन दोषी है संसार

गुजरात दंगों पर चोंच खोलती, गोधरा कांड पर म्यूट
राना बीबी सबको गोबर समझे बस अपने को क्यूट

होली दिवाली पर क्वेश्चन करती सागरिका देवी जी घोष
पूरी दुनियां है मोदी सी कम्युनल बस राजदीप ही हैं निर्दोष

रोहित सरदाना पर जब फतवा आया, दिखा एक न कोय
मोब लिंचिग अवार्ड वापसी, बस मुस्लिम मरने पर रोय

घर वाले तो बस यही चाहें, शव पहुंचे श्मशान
एक हमारी मीडिया है जो पल पल लेती प्राण

मेरी बातों का लगा बुरा हो, मुझे बाथटब कर दे भेंट
न उससे मैं गिफ्ट हैं चाहूँ, न रहा हूँ रिश्वत ऐंठ

होली की बहुत बहुत शुभ कामनाएं .... बुरा न मानो होली है..


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लेखक से ट्विटर पर मिले - 

 Ashwani Dixit (@DIXIT_G)

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. 






टिप्पणियाँ

  1. बहू ना मिले ना बहुमत मिले, पप्पू गयो ननिहाल।
    तो बांध गठरिया पीहर जाओ, काहे पड़ीं ससुराल।।

    जोगीरा सरा रा रा रा रा रा.....
    🚩🚩😄😄🚩🚩

    जवाब देंहटाएं

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