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म्यांमार में हिंदू समुदाय पर मुस्लिम रोहिंग्या आतंकियों के जुल्म की सच्ची कहानी




म्यांमार सेना को हिंसा प्रभावित रखाइन प्रांत में 28 हिंदुओं की सामूहिक कब्र मिली हैं। सेना ने कहा कि सुरक्षा अधिकारियों को कब्रों में 20 महिलाओं और आठ पुरुषों के शव मिले जिसमें छह लड़कों की उम्र दस साल से कम थी। म्यांमार सरकार के प्रवक्ता जाव ह्ते ने रविवार (24 सितंबर) को 28 शव मिलने की पुष्टि की थी, और ऐसी ही सामुहिक कब्रों के मिलने का सिलसिला अभी भी  उत्तरी राखिन में जारी हैं।

ताजा समाचार मिलने तक बुरी तरह से टॉर्चर की हुए हिन्दुओ के 45 शव बरामद किए जा चुके हैं और 90 हिन्दू अभी भी लापता हैं - सोर्स म्यांमार सरकार 




जिन रोहिंग्या मुस्लिमो को यह लिबर्ल्स गैंग मासूम बता रहा था अब उनकी करतूते एक एक करके सामने आ रही है। आपको जानकर हैरानी होगी कि रोहिंग्या मुसलमानो ने सिर्फ बौद्धों के साथ ही बर्बरता नहीं की है बल्कि म्यांमार में रह रहे हिन्दुओं पर भी इन्होने जुल्म ढाये है, और इनके पैरोकार इन्हें भारत मे शरण देना चाहते हैं। लिबर्ल्स और सेकुलर्स लोगो का यह गिरोह मीडिया में इस खबर के आने के बाद तरह तरह के तर्क-कुतर्क करते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना हैं कि यह सब म्यांमार आर्मी का प्रोपोगंडा हैं, जो कि सरासर झूठ हैं और इसकी सच्चाई हम आगे अपनी पोस्ट में सबूत के साथ खोल रहे हैं।





म्यांमार में हिन्दुओ की सामूहिक कब्र मिलने की खबर की सच्चाई पता लगाने के लिए देश के प्रतिष्ठित न्यूज़ चैनल "आज तक" की टीम बांग्लादेश में रह रहे रोहिंग्या राहत शिविर में पहुँची और वहाँ रह रहे कुछ हिन्दू शरणरार्थियो से बात की। उन विस्थापित हिन्दुओं ने एक एक करके चैनल को अपनी चौकाने वाली आपबीती सुनाई की किस तरह रोहिंग्या चरमपंथी मुसलमानों के गुटों द्वारा ना सिर्फ हिन्दुओं का नरसंहार किया गया बल्कि महिलाओं का बलात्कार कर उनका जबरदस्ती धर्मांतरण भी किया गया। एक हिन्दू महिला जो म्यांमार से भागकर शर्णार्थी कैंप में पहुंची है उसने चैनल को बताया है कि उसके पास पहनने के लिए सिर्फ एक जोड़ी साड़ी है लेकिन उसकी तीन साल की बच्ची के पास पहनने के लिए कपड़े तक नहीं है।



जबरदस्ती मुसलमान बनाई गई रिका उर्फ सादिया ने चैनल को बताया कि, ” अगस्त के आखिरी हफ्ते में उन्होंने हिन्दुओं के घर में घुसपैठ की और हमले किए। हमारे आदमियों के मोबाइल फोन छीन लिए गए और बांधकर बुरी तरह पीटा गया मेरे पति लोहार थे। मेरे सारे गहने ले लिए मुझे पीटने लगे सभी हिन्दुओं को पकड़कर एक पहाड़ी पर ले जाया गया और लाइन में लगाकर मार डाला गया। सिर्फ 8 महिलाओं को जिंदा रखा गया उन्होंने कहा तुम अब हमारे साथ रहोगी हमसे शादी हमारे पास उनके सामने सरेंडर करने के अलावा कोई उपाय नहीं था। धर्म परिवर्तन की बात माानने के अलावा हमारे पास कोई चारा नहीं बचा थी। वहीं से हमें बांग्लादेश के एक कैंप में ले जाया गया और धर्म परिवर्तन के नाम पर मीट खिलाया गया। इसकी जानकारी हमारे एक हिन्दू जानकार को लगी तो हम रोहिंग्या हिन्दुओं के कैंप में आज सके।”


इतना ही नहीं, ये रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश के राहत कैंपों में रह रहीं रोहिंग्या हिंदू महिलाओं के सिंदूर मिटा रहे हैं और चूड़ियां तोड़ रहे हैं। इसी महीने पूजा से रबिया बनी रोहिंग्या हिंदू महिला ने बताया कि बांग्लादेश राहत कैंपों में रोहिंग्या मुस्लिमों की ओर से हिंदू महिलाओं का जबरन धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। साथ ही सिंदूर मिटा दिया गया और चूड़ियां तोड़ दी गईं। रबिया ने बताया कि वह रोहिंग्या हिंदू है और शरण की उम्मीद में म्यांमार से पलायन करके यहां आई थी।
रबिया का कहना है कि उसने जो सोचा था, यहां आने के बाद सब कुछ उल्टा हुआ, उसके हालात और बुरे हो गए। रबिया बनी पूजा ने आगे बताया कि अगस्त में म्यांमार हिंसा में उसने अपने पति को खो दिया, हालांकि उसके पति को म्यांमार सेना ने नहीं मारा, बल्कि नाकाबपोश आतंकियों ने मौत के घाट उतारा है। ये आतंकी उनको धर्म के नाम पर गालियां दे रहे थे। उनके सामने पति समेत पूरे परिवार की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनको बंधक बना लिया गया।



आगे रबिया ने बताया, "रोहिंग्या मुसलमान मुझे जंगल ले गए और कहा कि मुझको नमाज पढ़नी पड़ेगी। उन्होंने मेरा सिंदूर मिटा दिया और हिंदू धर्म की पहचान वाली चूड़ियों को तोड़ दी। साथ ही कहा गया कि अगर मैं जिंदा रहना चाहती हूं, तो धर्म परिवर्तन करना पड़ेगा। मुझे बुर्का पहनाया गया और करीब तीन सप्ताह तक इस्लामिक रीति रिवाज सिखाया गया। मुझे नमाज पढ़ना सिखाया गया। मुझसे अल्लाह कहलवाया गया, जबकि मेरा दिल भगवान के लिए धड़कता है।"



एक तरफ तो ये रोहिंग्या मुसलमान जहां एक ओर खुद को असहाय बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अपनी बर्बरता से बाज आने का नाम नहीं ले रहे हैं। बांग्लादेश में शरणार्थी कैंपों में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान अब रोहिंग्या हिंदू महिलाओं को अपना निशाना बना रहे हैं और उनका जबरन धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। इन राहत कैंपों में रोहिंग्या मुसलमान हिंदुओं को दिन में पांच बार नमाज पढ़ने के लिए मजबूर कर रहे हैं और ऐसे रोहिंग्या आतंकियो को भारत का सेकुलर गैंग शरण देने की बात कर रहा हैं।


फ़िल्म लेखक जावेद अख्तर कह रहे हैं यह म्यांमार की आर्मी ने किया है, मतलब की यह हिन्दू महिलाये झूठ बोल रही हैं? दुनिया के सभी निष्पक्ष न्यूज़ चैनल जो ग्राउंड जीरो पर जाकर इन महिलाओं का इंटरव्यू ले रहे हैं वो झूठे, पीड़ित महिलाये झूठी, तीन देशों (भारत, बंगलादेश, और म्यांमार) की इंटलीजेंस एजेंसीज झूठी पर ये और इनके शांतिप्रिय रोहिंग्या एकमात्र सच्चे है ना जाने कहाँ से ये लोग इतना दोगलापन लाते हैं। हैरानी की बात देखिये की एयर कंडीशन कमरे में बैठकर ऐसे लोग जज बन कर फैसला सुना रहे हैं कौन दोषी हैं और कौन निर्दोष!!

रोहिंग्या मुसलमानों की समर्थक ब्रिगेड इन्हें किसी भी कीमत पर देश मे शरण देना चाहती हैं, केंद्र सरकार की इंटलीजेंस रिपोर्ट इन्हें संभावित आतंकी बता रही हैं इन रोहिंग्या लोगो के समर्थन में हाफिज सईद, मसूद अजहर और जाकिर मूसा जैसे दुर्दांत आतंकी हैं उसके बावजूद यह लिबरल ब्रिगेड चाहती हैं कि भारत इन रोहिंग्या लोगो को शरण दें। यह बोल रहे महबूबा मुफ्ती ने बयान दिया हैं की रोहिंग्या लोगो के खिलाफ कोई सबूत उनके पास नही हैं और ये लोग सुरक्षा के लिए खतरा नही हैं, ये महबूबा मुफ्ती की बात को लेकर उड़ रहे हैं महबूबा मुफ़्ती तो अफजल को आतंकी भी नही मानती, अनुच्छेद 370 को खत्म करने के खिलाफ हैं तो क्या उनकी बात मान लें हम, जरा सोचिये महबूबा मुफ़्ती कश्मीरी हिन्दुओ को कश्मीर में शरण नही देना चाहती, ये देश के बाकी के हिस्सों के हिन्दू कश्मीर में ना बस जाए इसके लिए अनुच्छेद 370 बनाये रखना चाहती हैं, लेकिन रोहिंग्या मुस्लिमो से इन्हें कोई दिक्कत नही हैं यह कश्मीर में रह सकते हैं। इससे साफ पता चलता हैं कि महबूबा मुफ्ती रोहिंग्या मुस्लिमो की आड़ में मजहब की राजनीति कर रही हैं और लिबरल गैंग चाहता हैं कि हम महबूबा मुफ्ती की रोहिंग्या मुस्लिमो को दी गयी क्लीन चिट मान ले!!

रिपब्लिक टीवी की इस मुद्दे पर ट्वीट


म्यांमार विदेश विभाग के प्रवक्ता का बयान




हिंदी न्यूज़ चैनल "आज तक" कि खबर




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ट्विटर पर लेखक से मिले :      अवंतिका सिंह 





टिप्पणियाँ

  1. बहुत सुंदर बहन देश को बचाने की आपकी इस मुहिम में मै आपके साथ हूं

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  2. देव जी आपका आभार, इन्ही दो लाइन से हमारी मेहनत सफल हो गयी 🙏

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  3. म्यांमार के हिन्दू- बौद्धों के साथ जो हुआ है वही सब इराक में यज़ीदियों के साथ हुआ और यही सब पिछले 1400 सालों का एशिया और यूरोप का इतिहास रहा है, चाहे वो पर्शिया हो या आज का अफ़ग़ानिस्तान, या सिन्ध या भारत, फिर भी कहने को यह खुद पीड़ित हैं। पहले ज़ुल्म करो, फिर पीड़ित की तरह पेश आओ, इसी को Al Taqiyya कहा जाता है।

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  4. रोहिंग्या मुसलमान तो संपोले हैं ही,उन्हें दूध पिलाने की गलती कि तो वे आगे चलकर डसेंगे ही पर अपने देश में जावेद अख़्तर जैसे सेक्यूलर बिच्छूओं का क्या किया जाए?

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  5. म्यांमार से भगाये गए रोहिंग्या मुस्लिम खटमल की तरह सैंकड़ो हज़ारो लाखों की संख्या में फैलते देर नही लगेगी , भारत की आर्थिक प्रगति को निगल जाएंगे, उससे पहले इन्हें रोको, घुसपैठ मत करने दो, जो घुसे उन्हें जल्दी चुनचुनकर बाहर खदेड़ने देशहित है। किसी की कोई बात नही सुनना un हो या लिबरल सेक्यूलर या लोकल भारतीय मुस्लिम विपक्षी पार्टियां सब वोट बैंक की मरीज़ है। मुसलमान को गज़वा ए हिन्द फैलाना है।

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  6. जय श्री कृष्णा
    आपने बहुत ही उम्दा और साक्ष्य के साथ सबका पर्दाफास किया है
    हम सब आपके साथ है !

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  7. आंखे खोलने वाला सच, इन रोहिंग्या लोगो को भारत मे बिल्कुल शरण नही दी सकती

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